
बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक जीत, लेकिन राजनांदगांव का मानव मंदिर चौक रहा वीरान
जहां हर जीत पर गूंजते थे पटाखे, वहां आज पसरा सन्नाटा
बंगाल विजय का जश्न देशभर में,राजनांदगांव के मानव मंदिर चौक पर वीरानी
राजनांदगांव।
पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक जीत के बाद देशभर में भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं में उत्साह का माहौल देखने को मिला। बंगाल में भाजपा की बड़ी जीत को राष्ट्रीय राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। भाजपा ने पश्चिम बंगाल में पहली बार सत्ता हासिल करने की स्थिति बनाई है और 200 से ज्यादा सीटों पर बढ़त/जीत दर्ज की है।
लेकिन इसी जीत के बीच राजनांदगांव का महाकाल चौक, जिसे पहले मानव मंदिर चौक के नाम से जाना जाता था, आज वीरान नजर आया। यह वही चौक है, जहां राजनांदगांव में किसी भी राजनीतिक खुशी, विरोध प्रदर्शन, पुतला दहन या बड़े आयोजन की शुरुआत अक्सर देखने को मिलती रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, जब किसी बड़े नेता का आगमन होता है या किसी पार्टी को बड़ी जीत मिलती है, तो इसी चौक पर पटाखे फोड़े जाते हैं, मिठाई बांटी जाती है और कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगता है। लेकिन बंगाल जैसी बड़ी जीत के बाद भी इस चौक पर न पटाखों की आवाज सुनाई दी, न कार्यकर्ताओं की भीड़ नजर आई।
खास बात यह रही कि आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और अभिषेक सिंह भी राजनांदगांव में मौजूद थे। मोतीपुर में आयोजन और भाजपा कार्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन सुनने के कार्यक्रम में नेता और कार्यकर्ता नजर आए, लेकिन शहर के प्रमुख चौक— मानव मंदिर चौक और भारत माता चौक— पर जश्न का माहौल नहीं दिखा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बंगाल की जीत को ऐतिहासिक बताते हुए इसे भयमुक्त और विकास की दिशा में बड़ा कदम बताया है। इसके बावजूद राजनांदगांव के उन चौराहों पर सन्नाटा चर्चा का विषय बन गया, जहां सामान्य दिनों में भाजपा कार्यकर्ताओं की सक्रियता दिखाई देती है।
अब शहर में यह सवाल उठने लगा है कि क्या भाजपा का जश्न केवल बड़े नेताओं की मौजूदगी वाले आयोजनों तक सीमित रह गया है? क्या मंडल अध्यक्षों और स्थानीय पदाधिकारियों की सक्रियता केवल नेताओं के स्वागत और कार्यक्रमों तक सीमित है? जनता के बीच चर्चा है कि जब नेता शहर में नहीं होते, तब चौक-चौराहों पर कार्यकर्ता सक्रिय दिखते हैं, लेकिन इतनी बड़ी जीत के दिन मानव मंदिर चौक पर वीरानी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
राजनांदगांव की राजनीति में मानव मंदिर चौक हमेशा से राजनीतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है। ऐसे में बंगाल विजय जैसे बड़े मौके पर इस चौक का शांत रहना भाजपा के स्थानीय संगठन की सक्रियता पर सवाल खड़े कर रहा है।



